इलाज से 21 दिन में कम हुआ 108 kg वजन, 25 साल बाद खुद बैठने लगी इमान

 
मुंबई.मोटापे का इलाज कराने मुंबई आई मिस्र की इमान अहमद का वजन 21 दिन में 108 किलो कम होकर 380 पर आ गया। यहां के सैफी हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की टीम उनका इलाज कर रही है। पहली बैरियाट्रिक सर्जरी के बाद अब इमान को लिक्विड डाइट पर रखा गया है। इसके साथ ही फिजियोथैरेपी भी कराई जा रही है। बता दें कि एक बीमारी के चलते 36 साल की इमान का वजन लगातार बढ़ रहा था। पहले यह 500 किलो के करीब पहुंच गया था और इमान को दुनिया की सबसे वजनी महिला माना जाने लगा था। लेकिन अब उसके जल्द नॉर्मल होने की उम्मीद है। लोगों ने की 60 लाख की मदद...
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमारी के चलते इमान 25 साल तक घर में कैद रही और कभी स्कूल नहीं गई। यहां तक की खुद बैठ भी नहीं पाती थीं।
- बैरियाट्रिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर मफी लकड़ावाला ने कहा, ''इमान अब अपने बल पर बैठने लगी है। कुछ दिनों में वह पैरों पर खड़ी होकर चल भी सकेगी। दूसरी सर्जरी के बाद 25 दिन में उसका वजन 50 किलो और कम होगा।''
- ''इलाज शुरू होने से पहले हमें अब तक 50 किलो वजन घटने की उम्मीद थी, लेकिन चमत्कारिक तौर पर इमान 380 किलो पर आ गई।'' 
- दूसरी सर्जरी के बाद इमान अपने घर अलेग्जेंड्रिया जा सकेगी, जहां उसे ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। इसके बाद फिर उसे मुंबई आकर इलाज कराना होगा। 
- सैफी हॉस्पिटल ने इमान का फ्री में करने का फैसला किया था, लेकिन अब तक लोगों ने इसके लिए 60 लाख रुपए की मदद की है। 
- बता दें कि 11 फरवरी को डॉक्टर्स की टीम स्पेशल प्लेन से इमान को लेकर आई थी। उनके लिए रोड और एयर ट्रैवल के खास इंजताम किए गए थे।
डॉक्टरों ने कहा- मोटापा नहीं, बीमारी है
- कुछ डॉक्टरों ने इमान को एलिफेंटाइसिस का मरीज बताया है। इसमें पैरों में काफी सूजन आ जाती है। यह एक पैरासाइट से होता है।
- डॉक्टरों का यह भी कहना है कि उसकी बॉडी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो गया है। इससे वजन बढ़ रहा है।
- मिस्र के डॉक्टर्स के इलाज नहीं कर पाने के बाद फैमिली ने अपने प्रेसिडेंट को ऑनलाइन पिटीशन भेजी थी। आखिर में इमान की फैमिली डॉक्टर लकड़ावाला से मदद मिली।
कौन हैं इमान?
- बता दें कि 36 साल की इमान अहमद अब्दुलाती मिस्र के अलेग्जेंड्रिया में रहती हैं। भारी-भरकम शरीर की वजह से 25 साल से घर से नहीं निकल सकी हैं।
- यहां तक कि वे अपने बिस्तर तक से भी नहीं हिल पातीं। जन्म के वक्त ही इमान का वजन पांच किलो था। वह कभी स्कूल नहीं गईं।
डॉक्टर ने सुषमा से मांगी थी मदद
- इमान को भारत लाने के लिए पहले कोई एयरलाइन्स तैयार नहीं थी। फिर वीजा मिलने में भी दिक्कत आई। 
- डाॅ. लकड़ावाला ने विदेश मंत्री को ट्वीट कर बताया था, ''मैम, 500 Kg की इमान अहमद ने अपनी जान बचाने के लिए मुझसे मदद मांगी है। उसे नॉर्मल प्रॉसेस के तहत वीजा नहीं मिल पाया। प्लीज, उसे मेडिकल वीजा दिलवाने में मदद करें।''
- इस पर सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा था, ''इस गंभीर मामले को मेरे सामने लाने के लिए शुक्रिया (डॉक्टर), हम निश्चित तौर पर उनकी मदद करेंगे।''

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