जल निगम से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के वारंट के खिलाफ SC गए आजम खान - Growhunt

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Tuesday, 7 March 2017

जल निगम से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के वारंट के खिलाफ SC गए आजम खान

 
लखनऊ.कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 1 मार्च को वांरट जारी कर दिया था। इस वारंट के खिलाफ कैबिनेट मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। बता दें, आजम के कोर्ट में हाजिर न होने पर यह आदेश जारी किया गया था। यह मामला जल निगम के एक इंजीनियर को सस्पेंड करने उसके सर्विस रिकॉर्ड में हेराफेरी करने से जुडा है। कोर्ट में पेश न होने पर जारी हुआ था वारंट...
- बता दें, हाई कोर्ट ने यह वारंट आजम खान के कोर्ट में पेश न होने पर जारी किया था। 
- यह आदेश 1 मार्च को जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस आर एन मिश्रा द्वितीय की बेंच ने सुनावाई के दौरान दिया था। 
- इसके साथ ही 6 मार्च को आजम को पेश होने का आदेश भी दिया था।
6 मार्च को भी पेश नहीं हुए आजम
- इसके बाद आजम खान 6 मार्च को भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके द्वारा हाजिरी माफी की दरख्वास्त दी गई थी। 
- कोर्ट ने हाजिरी माफी की दरख्वास्त खारिज करते हुए आदेश का अनुपालन सुनिश्चित न करा पाने पर लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व एसएसपी को मंगलवार (7 मार्च) को तलब किया था। 
- कोर्ट ने उनसे यह भी पूछा कि आजम को पेश न करा पाने पर उन दोनों के खिलाफ जान बूझकर कोर्ट की अवमानना करने का केस क्यों न चलाया जाए।
क्या है मामला?
- गौरतलब है कि जल निगम ने 2013 में अपने एक कर्मचारी के बावत ट्राईबुनल द्वारा पारित आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 
- ट्राईबुनल ने कर्मचारी को इस आधार पर राहत दे दी थी कि उसके खिलाफ पेश आरोप पत्र पर सझम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।
- जल निगम के चेयर मैन एमडी व चीफ इंजीनियर की ओर से दायर सेवा याचिका में ट्राईबुनल के आदेश को चुनौती दी थी। 
- साढ़े तीन साल बाद जल निगम की ओर से पूरक शपथपत्र देकर कहा गया कि उक्त कर्मचारी के खिलाफ दिए गए आरेाप पत्र पर सझम प्राधिकारी के दस्तखत थे।
- इस पर बेंच ने कड़ा रूख अपनाया और कहा कि यदि ऐसा था तो 2013 में याचिका दायर करते समय वह आधार क्यों नहीं लिया गया था अब कई सालों बाद उस आधार को लेने का तात्पर्य है कि निगम ने दस्तावेजों में हेराफेरी की है।
- इसके लिए चेयरमैन आजम खान, एमडी व चीफ इंजीनियर को जिम्मेदार मानकर कोर्ट ने उन्हें अदालत में झूठा हलफनामा देने के लिए अवमानना की कार्यवाही चलाने के लिए 3 को 1 मार्च को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। 
- आदेश के अनुपालन में 1 मार्च को एमडी व चीफ इंजीनियर तो हाजिर हो गए, लेकिन आजम हाजिर नहीं हुए। 
- इस पर कोर्ट ने आजम के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था और सीजेएम व एसएसपी को वांरट का अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।

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