Exam Ki Tayari Kaise Kare | एग्जाम देने से पहले बस ये तैयारी कर लो, बेड़ा पार हो जाएगा - Growhunt

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Wednesday, 1 March 2017

Exam Ki Tayari Kaise Kare | एग्जाम देने से पहले बस ये तैयारी कर लो, बेड़ा पार हो जाएगा

मार्च आ गया है. चुनाव का सीजन पांच साल में आता है. एग्जाम का सीजन हर साल आता है इसी महीने में. कहने को तो ये पढ़ाई का एग्जाम होता है लेकिन ये आधा सच है. ये अग्निपरीक्षा होती है. स्टूडेंट्स के स्वाभिमान और धैर्य की परीक्षा होती है. उस पर चरस बोए रहते हैं अखबार और वेबसाइट्स. अखबारों की वो कटिंग लोग निकाल लाते हैं जिसमें परीक्षा की तैयारी के टिप्स दिए होते हैं. उसको चिपका लेते हैं स्टडी रूम में. हालांकि स्टडीरूम की अवधारणा भी शक के दायरे में आती है. क्योंकि इसमें सिर्फ रूम होता है, स्टडी नहीं.


हम कीबोर्ड की कसम खाकर कहते हैं. जो टिप्स हम दे रहे हैं वो कोई भी मीडिया आपको नहीं देगा. और ये सौ परसेंट कारगर न हो तो मितरों..अगले साल फिर ट्राई करना. अभी पहले टिप्स पढ़ तो लो.

1. सबसे पहला लेक्चर तो पढ़ाई पर ले लो. इसके इतने नियम होते हैं कि उनकी अलग से किताब छपनी चाहिए. और उनको सिलेबस से पहले पढ़वाना चाहिए. पहला नियम होता है टाइम टेबल बनाओ. आसमान की तरफ हाथ उठाकर कसम खाओ और बताओ, आज तक कभी टाइम टेबल से पढ़ाई की है? नहीं की तो परीक्षा के 10-5 दिन पहले से करने का क्या तुक है? उल्टे टाइम टेबल साला अलग से दिमाग पर बोझ डाले रहो कि इसके बाद उसको पढ़ना है. टाइम टेबल में कठिन वाले सब्जेक्ट चतुराई से स्किप कर जाते हैं. तो जिस चीज का पेपर होने वाला हो, उसकी तैयारी करो बिंदास. टाइम टेबल बनाने में मत खर्च हो.

2. नींद पूरी लें. ये कई जगह पढ़ा होगा. बहुत बढ़िया बात. परीक्षा से पता नहीं किसकी नींद उड़ जाती है? नींद जिन कंडीशन्स में गायब होती है उनमें कहीं भी स्टूडेंट्स का जिक्र नहीं है. उल्लू, आशिक और नाइट शिफ्ट की जब वालों के अलावा कोई नहीं जागता रात में. पेपर से ठीक पहले तो पढ़ाकू लोग ऐसे बेफिक्र हो जाते हैं जैसे ओखली में सिर दिए मूसलवीर. जैसे बिल्ली के सामने सीना तानकर खड़ा चूहा. जो पढ़ने वाले होते हैं उनकी उड़ने का सवाल नहीं. उनको कॉन्फिडेंस होता है कि वो फेल होने से रहे. सेम यही चीज न पढ़ने वालों के साथ होती है. उनको पता होता है कि पास होना नहीं. तो नींद किसकी उड़ेगी यार.

3. पढ़ाई के लिए सही माहौल और सही जगह का चुनाव करें. मध्यम रोशनी और शांत वातावरण होना चाहिए. एक बात बताएं. अपने देश में ऐसी जगह बहुत कम होती है. न्यूज चैनल्स के रिकॉर्डिंग स्टूडियो तो नहीं चाहिए न पढ़ाई करने के लिए. वही इन फैसिलिटीज से लैस हो सकते हैं. बाकी आप घर के किसी भी कोने में हों. उनमें आवाज किस डेसीमल की आएगी ये आप नहीं, बैंड बाजे तय करते हैं. क्योंकि ये एग्जाम के अलावा शादियों का भी सीजन होता है.

4. खाने पीने पर ध्यान दें. पानी पर्याप्त पिएं. पैनिक न हों. ऐसा लग रहा है आप पेपर देने नहीं अल्ट्रासाउंड कराने जा रहे हैं. औकात से ज्यादा खाने की जरूरत नहीं है कि पेपर के वक्त पेट पिराए और सारा वक्त लैटरीन में बीते. बस दारू वारू से दूर रहना. यही खाने पीने पर असली ज्ञान है.

5. पढ़ाई के बीच बीच में शरीर और दिमाग को थोड़ा आराम दें. जैसे पूरे साल दिया है. परीक्षा के टाइम आराम से वक्त निकालकर पढ़ाई करना भी जरूरी है. जैसा सही लगे कर लो. अपने हिसाब से एडजस्ट कर लो.

6. एक बड़ी काम की बात बताई जाती है कि पढ़ाई पूरे साल करो. पेपर से ठीक पहले क्वेस्चन बैंक खोलकर मत बैठना नहीं तो जो आता है वो भी भूल जाएगा. इससे बड़ा झूठ दुनिया में कुछ नहीं है बाईगॉड की कसम. सबकी मेमोरी क्षमता अलग अलग होती है. कुछ लोग पेपर से ठीक एक दिन पहले पढ़ाई करके भी अच्छा परफॉर्म कर लेते हैं. कुछ लोग साल भर 10-10 घंटे पढ़ते हैं. उन्नीस बीस दोनों के नंबर भी सेम ही आते हैं. आपकी क्षमता क्या है, पहले उस पर फोकस करो. इस मामले में भी प्रयोग करने से पीछे नहीं रहना चाहिए. हां परीक्षा के ठीक पहले किताब इसलिए नहीं खोलकर बैठनी चाहिए कि आपका तो कुछ नहीं जाता, देखने वाले की हवा खराब हो जाती है.

7. खेल कूद और मनोरंजन को भी समय दें. बिल्कुल देना चाहिए. असली चीज यही है. पढ़ाई लिखाई का पक्का नहीं है कि कब तक काम आएगी. हो सकता है कि आज का साइन थीटा 10 साल बाद आपको किसी काम न आए. लेकिन कायदे की फिल्म देख लो तो जिंदगी का नजरिया बदल सकता है. या कुछ ऐसा कर लो जो जिंदगी भर याद रह जाए. सोचो दस साल बाद तुम किसी महफिल में बैठे अपनी जिंदगी का सबसे मजेदार किस्सा सुना रहे हो. कि उस दिन 10 बजे मेरा मैथ का एग्जाम था. और मैं अपने गर्ल?बॉयफ्रेंड से पहली बार मिलने का प्लान कर रहा था/रही थी. याद रखो, पढ़ाई भी जरूरी है और एग्जाम भी. लेकिन उसके लिए ये जरूरी नहीं है कि महीने भर के लिए जिंदगी को भूल जाओ. फैमिली के पास रहो. दोस्तों के साथ रहो.

8. सबसे जरूरी सबक है जिसकी बात कोई टिप्स देने वाला नहीं करता. नकल नहीं करना. अगर सामने मास्टर साहब बैठकर एक एक क्वेस्चन किताब में देखकर आंसर बता रहे हों तो उनकी शिकायत कर दीजिए. स्कूल से आपको जबरदस्ती नकल उपलब्ध कराई जा रही हो तो मना कर दीजिए. जितना पढ़कर आए हो उसी के भरोसे रहो.पढ़कर नहीं आए हो तो केवल एग्जाम हॉल में बैठकर देखो कैसा लगता है. लेकिन नकल मत करो. नकल दिमाग को विकलांग करने वाली ऐसी बीमारी है जिसका इलाज अभी तक मेडिकल साइंस में उपलब्ध नहीं है.

अब जाओ और किला फतह करके आओ. हैप्पी एग्जाम्स. जुट जाओ.

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